"जिसने शरमिष्ठा को जेल भिजवाया, अब खुद पहुंचा सलाखों के पीछे! सोशल मीडिया जंग ने ली चौंकाने वाली करवट"

 


सोशल मीडिया विवाद में नया मोड़: शरमिष्ठा पनौली की गिरफ्तारी के बाद वजाहत खान भी गिरफ्तार

गुड़गांव में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और लॉ की छात्रा शरमिष्ठा पनौली की गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद, कोलकाता पुलिस ने वजाहत खान को भी गिरफ्तार कर लिया है — वही व्यक्ति जिसकी शिकायत के आधार पर पनौली को 30 मई को गिरफ्तार किया गया था।

पनौली की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

शरमिष्ठा पनौली को कोलकाता पुलिस ने गुड़गांव से 30 मई की रात गिरफ़्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने मुस्लिम बॉलीवुड हस्तियों पर ऑपरेशन सिंदूर के विषय में चुप्पी साधने को लेकर अपमानजनक और साम्प्रदायिक टिप्पणियाँ की थीं। इस वीडियो में उन्होंने आक्रामक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका थी।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बाद में पनौली ने संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया से हटा दिया और सार्वजनिक रूप से माफ़ी भी मांगी।

शिकायतकर्ता खुद विवादों में

लेकिन इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब पनौली की गिरफ्तारी के बाद वजाहत खान खुद गायब हो गए। उनके पिता सादत खान ने मीडिया को बताया कि उनका बेटा 1 जून से घर नहीं लौटा है और परिवार को धमकी भरे फोन कॉल्स मिल रहे हैं, जिनमें उन्हें "पनौली का जीवन बर्बाद करने" का दोषी बताया जा रहा है।

इस बीच, कोलकाता पुलिस के गोल्फ ग्रीन थाना में वजाहत खान के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि खान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स के ज़रिए धार्मिक भावनाएं भड़काने, सांप्रदायिक घृणा फैलाने, और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का प्रयोग किया था।

श्रीराम स्वाभिमान परिषद की शिकायत

2 जून को श्रीराम स्वाभिमान परिषद नामक संगठन ने गार्डन रीच पुलिस थाने में खान के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि खान ने हिंदुओं को “रेपिस्ट कल्चर” और “यूरीन ड्रिंकर्स” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया और उनकी धार्मिक आस्थाओं का मजाक उड़ाया।

शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और आईटी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

पुलिस की कार्रवाई

कोलकाता पुलिस ने इस शिकायत और पहले से दर्ज एफआईआर के आधार पर खान के घर पर कई बार नोटिस भेजे थे, लेकिन उन्होंने किसी भी समन का जवाब नहीं दिया। अंततः पुलिस ने छापेमारी करते हुए खान को गिरफ्तार कर लिया।

पनौली को मिली अंतरिम ज़मानत

इसी बीच, शरमिष्ठा पनौली को अंतरिम जमानत भी मिल गई है। कोर्ट ने उनकी विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है और उन्हें ₹10,000 की जमानत राशि जमा करने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता निरंकुश नहीं है और किसी भी धर्म या समुदाय की भावना को ठेस पहुँचाने का अधिकार किसी को नहीं है।


निष्कर्ष

यह पूरा मामला यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया की ताकत आज कितनी व्यापक और संवेदनशील हो चुकी है। एक तरफ़ जहां सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का माध्यम है, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट होता जा रहा है कि इसकी आड़ में धार्मिक और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को कानूनी रूप से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

इस प्रकरण ने दोनों पक्षों को न्यायिक जांच और जवाबदेही के दायरे में ला दिया है, और यह आने वाले समय में डिजिटल अभिव्यक्ति और उसके दायरे को लेकर नए सवाल भी खड़े कर सकता है।


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